उसने मुझे एक ही झटके में बिस्तर पर खींच कर पटक दिया। और सीधे मेरी चूत पर वार किया। मेरी चूत को हाथ अन्दर डाल कर दबा दी। मैं तड़प उठी। वो चूत मसलता ही गया। मैं छटपटाती ही रही। पर उसका हाथ अलग नहीं हटाया। “हाऽऽऽय . . . रे . . . सर जी . . . मर गई . . . क्या कर रहे हो . . . आऽऽह . . . माई रे . . . ” मेरी खुशी भरी तड़पन उसे अच्छी लगने लगने लगी।
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