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“आज तो रानी . . . तुमने मेरी आत्मा को प्रसन्न कर दिया . . . अब एक काम करो . . . सामने ब्यूटी पार्लर में जाओ और उससे कहना कि मैंने भेजा है . . . ”

मैं सर झुकाये बाहर आकर कपड़े पहनने लगी। और नोट गिन कर अपने ब्लाऊज में सम्हाल कर रखने लगी। पर ये क्या . . . विनय ने झटके मेरे हाथों से सारे नोट ले लिये .

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