में उसे जोर से चूम रहा था और उसके स्तन सहलाता जा रहा था ताकि वो सामान्य हो जाये !
थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई, उसका दर्द कम हो गया था। सो मैंने धीरे-धीरे लंड को अन्दर-बाहर करना शुरु किया। अब वो अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी पर लंड पूरा अन्दर नहीं गया था। फिर से मैंने उसको जोर से चूमते हुए एक झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया !
वो तड़पने लगी पर अब मैं कहाँ रुकने वाला था, मैं उसे पागलों की तरह चूसते-चाटते जोर जोर से चोदने लगा !
अब वह भी उचक-उचक कर चुदवा रही थी, सिसकारियाँ लेकर- उईईई आहऽऽ आईईई !
मैं तो जंगली बन चुका था और उसे बेतहाशा चोदे जा रहा था।