मेरे से तो अब नहीं रहा जा रहा था … लग रहा था कि अब गयी…अब गयी… मै रोकना चाह रही थी पर…वासना की तेजी… उत्तेजना की तेजी …… उबल रही थी…। “मादरचोद… भोसड़ी के …मैं तो गयी रेऽऽऽऽऽ … चोद …चोद…जोर लगा… फ़ाड़ दे…बहनचोद…”
“अभी रुक जा छिनाल … मेरी भी मां चुदने वाली है… मै भी आया… मां की लौड़ी…”
“हाऽऽऽऽऽय रे… मरीऽऽऽऽऽऽ … निकला पानी रे……हाय रे चुद गयी… चुद गयी……निकल गया रे…”
मैं धीरे धीरे झड़ने लगी… पर उसके झटके चूत में चलते रहे।