महेश को दूर हटाया और फुसफुसाई:
“पागल हो गए हो? ये उठ गए तो?”
“और जो मेरा उठा हुआ है?”, महेश उसकी बायीं चूची को मसलते हुए बोला. “देखो जो तुम चाहते हो, वह मैं भी चाहती हूँ. लेकिन समझ से काम लो. अभी हम जो चाहते हैं, वह नहीं हो सकता. सब्र करो बाबू. ”
“अच्छा चलो, आपको चोद नहीं सकता लेकिन मेरी हालत बहुत खराब है, सोया नहीं जा रहा.