नेहा उसकी जांघें पर बैठी थी। समीर का लंड नेहा की चूत में फसा था। अपने चूतड़ उठा गिरा के नेहा लंड को चूत से अंदर बाहर किए जाती थी। कभी कभी समीर भी धक्का दे कर नेहा को चोदता था। समीर के दोनो हाथ नेहा के स्तनों पर लगे हुए थे। समीर का पूरा लंड बाहर निकल कर फिर चूत में घुसता हम दोनो देख सकते थे
हमें देख कर समीर बोला :यश, डरना मत।