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बुआ की आँखें बंद थी। बुआ कितनी खूबसूरत थी इस बात का एहसास मुझे इसी पल हुआ था। मैंने कभी बुआ को इस नजर से देखा ही नहीं था। एक दम गोरा चिट्टा रंग, गुलाबी होंठ। इस पल तो मुझे बस यही नजर आ रहे थे। या फिर आपने सीने में गड़ती बुआ की मस्त बड़ी बड़ी चूचियाँ। बुआ की चूचियाँ बड़ी बड़ी थी। पर मुझे उसके नंबर का कोई अंदाजा नहीं था।

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