. उफ़्फ़्फ़्फ़्. . . तेरी तो . . . मर गया तेरी मां की चूत . . . एह्ह्ह्ह्ह्ह”
“पूरा निकाल दे . . . ला मैं निचोड़ दूँ . . . ” मैंने उसके लण्ड को गाय का दूध निकालने की तरह दुह कर उसके वीर्य की एक एक बूंद बाहर निकाल दी। बाहर का वातावरण शान्त हो चुका था। तेज हवाएँ बादल को उड़ा कर ले गई थी। अब शान्त और मधुर हवा चल रही थी।