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मेरा तीर सही निशाने पर लग गया था और मैने रानी को अपनी बाहों में ले लिया। फ़िर मैने बिना समय गवाये किये हुए रानी के बूब्स पर उसकी कमीज़ के बाहर से ही हल्का हाथ फ़ेरना शुरु कर दिया। दोस्तो ये सब कैसे हो रहा था मुझे नहीं मालुम, मैं इतना हिम्मत वाला नहीं हूं। रानी मेरे टच से मस्त हो रही थी, इसी बीच मैने मौका देखकर रानी की सलवार का नाड़ा चुपके से खोल दिया और उसे पता नहीं चला।

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