“हो गया मामी भांजे का मेल मिलाप तो खाना खा लें?” चंदर हाथ पैर धो चुके थे. “मैं तो पहले नहाऊंगा मामा. ”
“अरे हाँथ-पैर धो के खाना खा लो, कल नहा लेना. थक गए होगे, जल्दी सो जाओ”, चंदा बोली. “भूख तो तेज लगी है लेकिन नहाये बिना नहीं रहा जायेगा. पांच मिनट में नहा के आता हूँ. “, बोलते हुए महेश ने बैग खोला और उसमे से तौलिया और कुछ कपडे ले बाथरूम कि और चल दिया.