मैंने कहा- माँ, मैंने कभी सुहागरात नहीं मनाई ! मैं आपके साथ सुहागरात मनाना चाहता हूँ । तो वो बोली- अब तो मैं पूरी तेरी हूँ, जो करना है वो कर ना। मैंने कहा- ऐसे नहीं ! जैसे टीवी पर, फिल्मो में दिखाते हैं, धीरे-धीरे !
तो वो बोली- अच्छा तो तू ये सब चीजें भी देखता है?
मैंने कहा- और नहीं तो क्या ? माँ, अब मैं बड़ा हो गया हूँ न इसलिए !
वो बोली- ठीक है, मैं तो पहले से तैयार हूँ, तू भी तैयार हो जा ! फिर हम दोनों माँ-बेटे पति-पत्नी बन कर सुहागरात मनाएंगे।