एक एक पल मुझ पर भारी पड़ रहा था। चाँदनी रात थी पर थोड़ी धुन्ध होने के कारण उसका घर दिखाई नहीं दे रहा था। बीच में मैं उसके घर तक घूम आया था। सब लोग शायद सो चुके थे। लगभग 11 बजे लक्ष्मी आ गई। उसे देखकर मैंने चैन की साँस ली। उसने काले रंग का कमीज़-सलवार और ऊपर शॉल ओढ़ रखी थी। मैं उसे देखकर मुस्कराया, वो भी मुस्कराई और लव यू जान ! कहकर मेरे आगे पीठ करके बैठ गई।
Related Posts
सेक्स – हॉट हिन्दी वेब सीरीस – बाद इंटेन्षन पहेला भाग
37 Views0 Comments0 Likes
उधर समीर और नेहा ने अपनी चुदाई पूरी कर ली थी। समीर बोला : चल घर चलें, वरना माताज़ी को शक पड़ेगा। मैं: मुझे नहीं आना। नींद आ रही है कह देना सेहत अच्छी नहीं होने से सो गया हूँवो तीनो स्वस्थ हो कर चले गये मैं गहरी नींद...
एक्सएक्सएक्स – हॉट हिन्दी वेब सीरीस – फोरस्क्वेर पहेला भाग
59 Views0 Comments1 Likes
मैंने कहा- मैं आपको चाह्ती तो हूँ पर … !मेरे आगे बोलने से पहले उन्होंने मेरे होठों पर उंगली रख दी और कहा- बस हम आज से पति-पत्नी हैं और आज हमारी सुहागरात है। मैंने कहा- लोग क्या कहेंगे?उन्होंने कहा- मैं किसी की परव...
हॉट हिन्दी वेब सीरीस – काम वाली बाई दूसरा भाग बीएफ
74 Views0 Comments2 Likes
पूर्वी जांघें सिकोड़ दे इससे पहले मैने अपने हाथ से भोस ढक दी। मैं अब बैठ गया। होले से उसकी जांघें चौड़ी कर दी। पूर्वी ने आँखें बंद कर दी। दोनो हाथ से मैने जांघें सहलाई और चौड़ी पकड़ रखी। पूर्वी की जांघें सुडोल चिकनी औ...
हॉट हिन्दी वेब सीरीस – वी अरे फ्रेंड्स तीसरा भाग एक्सएक्सएक्स
72 Views0 Comments0 Likes
भोस के होठ चौड़े करके वो जीभ से क्लाइटोरिस टटोल रहा था। उसकी दो उंगलियाँ नेहा की चूत में डाली हुई थी जो उस के जी स्पोट का मर्दन कर रही थी। अचानक समीर उंगलियाँ तेज़ी से अंदर बाहर करके नेहा की चूत को चोदने लगा। नेहा के ...
हॉट हिन्दी वेब सीरीस – प्यासी क्लिप
87 Views0 Comments0 Likes
मेरी जीभ अंदर जाकर चारों ओर घूम चुकी और उसकी जीभ से खेलने लगी। मैने जीभ लंड जैसी कड़ी बनाई। कड़ी जीभ अंदर बाहर करके मैने पूर्वी का मुँह चोदा। जब मैने मेरी जीभ वापस ले ली तब उसने अपनी जीभ से वो सब किया जो मैने किया था।...
सौतेली बहन को रंडी बनाकर चोदा लड़का एक्सएक्सएक्स हिंदी में
349 Views0 Comments5 Likes
इस कहानी का शीर्षक मेरी चुदाई के मजेदार किस्से है | फिर मुझे अपने चूतड़ों पे शेरू का भारी जिस्म महसूस हुआ और उसके अगले पैर मेरी कमर को जकड़े हुए थे और वो अपनी पिछली टाँगों पर खड़ा था। या अल्लाह! अब वो जानवार मुझे अपनी...