उसने मुँह अलग किया, बोली- धीरे-धीरे दबाओ ! दर्द होता है !
मैं बोला- कहते हैं कि दर्द में ही मजा है। हम हँसने लगे। चूची के अगले भाग को पकड़ कर मसल दिया तो वो सिसिया उठी- आ अ !
मैंने उसके होटों पर होंट रख दिये और बारी बारी से दोनों चूचियों को मसलने लगा। फिर अपना हाथ उसकी चूत पर ले गया और रगड़ने लगा। वो पूरी गर्म हो गई।