मैंने 8-10 झटके मारे और लक्ष्मी के ऊपर लेट गया। मेरा वीर्य उसकी चूत में भर गया। थोड़ी देर हम ऐसे ही पड़े रहे। मैं बोला- लव यू जान !
झूठ बोलते हो। मुझे कितना दर्द हो रहा था। प्यार करते तो रुकते, बस पेले ही जा रहे थे। धीरे-धीरे भी तो डाल सकते थे। मैं बोला- जानू, दर्द तो होना ही था ! तुम्हारी चूत कसी ही इतनी थी ! और धीरे करता तो अन्दर ही नहीं जाता।