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लेने दो ना इतना कहके ज़ोर का धक्का मारा और उसका पूरा लांद मेरी गंड मे घुस ग्या और वो मेरी गंड को जमकर छोड़ने लगा मई बोला तारा चल अपनी गंड को फैला तेरी कहानी सुनके मेरा लांद और तीटे हो ग्या है फिर मैने अपना लांद ससू की बूर मई से निकल कर उनकी गंड की छेड़ मे डालने लगा वो अपने गंड को छईआरने लगी मेरा लांद आसानी से उनकी गंड मई घुस ग्या और मई उनके होटो को चुस्ते हुए उनकी गंड मई अपना लोडा पैलाने लगा मेरा लांद सता सात ससू की गंड को छोड़ रहा था वो भी जाम के सहयोग दे रही थी फिर मैने ससू के गंड मई से लांद निकल लिया और उनको डोग्य स्टयले मई कर दिया और उनकी गंड को पीछे से आकर मरने लगा वैसे मुघे बड़ी उमर की औरतो का गंड बूर छोड़ने मई काफ़ी मज़ा आता है मई उनकी गंड को ख़ूब कस कस के मार रहा था वो भी अपनी गंड को हिला हिला के मरवा रही थी आह अजय मेरे बूर के राजा आज फाड़ दो ना मेरी बूर को और कस कस के मारो गंड मेरी मई एक दोनो हट को आगई ले जाकर उनकी चुचिओ को पकड़ के ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अपने लांद से उनकी गंड मरने l
लगा फिर 40 मिनुत ससू की गंड मरने के बाद मई उनकी गंड मई अपने लांद का सारा रस गिरा दिया फिर हमलोग नंगे ही एक दूसरे की बहो मई छिपक के सो ग्ये रात ज़्याड़ो होने की वजह सई सुभाह नींद देरी से खुली पहले मई जगा दिन के उजाले मई उनकी झांट चमक रही थी मई अपना सविंग बॉक्ष निकल कई ले आया और उनकी झांट पेर क्र्ेअँ लगाने लगा फिर मैने राजोर से अपनी ससू ग के झांटो को साफ़ करके उनकी बूर को चिकना कर दिया उनकी गंड पैई बलो को भी साफ़ कर दिया वो चुपचाप देख रही थी फिर हम लोग बाथरूम मई साथ साथ ग्ये और नहाने कई बाद मई उनकी बूर मई और गंड मई ख़ूब साबुन लगा कई धो डाला उनकी बूर और गंड चमक रही थी मई उनकी बूर को हटो से फैला के अपनी जीभ से चटने लगा वो मस्ती मई मेरे सर को पकड़ के अपने बूर को मेरे मुह पे रग़ादने लगी फिर मई उन्हे आगई झुका कर उनकी छूतर को फैलाके उनकी गंड के छेड़ को चटने लगा अब मेरा लोडा आकड़ ग्या था वो भी गर्म हो गयी फिर मैने सीधे होकर खड़े खड़े ही उनकी बूर मई लांद डाल्के पैलाने लगा वो अपने दोनो हटो को मेरे

कंधे पे रख के मुघे कस के पकड़ ली मई भी अपने दोनो हटो से उनके गले मे बाहें डालकर पकड़ लिया फिर हम दोनो आपस मई एक दूसरे को धक्का मरने लगे उपर से सवार का पानी सीधे बूर लांद पेर गिर रहा था जिस से फ़ातच फ़ातच की आवाज़ निकल रही थी वाकई मज़ा आ रहा था कुछ समय बूर छोड़ने के बाद मैने अपना लांद उनकी बूर से बाहर निकाला और लांद पे साबुन लगा के उनको पीछे घूमकर खड़े खड़े ही उनकी गंड मे घुसकर उनकी गंड मरने लगा वो अपने गंड से मेरे लांद को दबा रही थी फिर मई उनकी गंड को कस कस के मरने लगा और जयो ही मेरा लांद झरने वाला था उनकी गंड से निकल कर उनको ज़मीन पे बिथाके उनके मुह मे घुसेद डाला और लांद का पानी उनकी मुह मई गिरा दिया वो मेरे लांद का सारा रस छत छत के पी गयी और मेरे लांद को जीभ से चटने लगी फिर मैने उनकी बूर मई उंगली दल कर तब तक अंदर बाहर करता रहा जब तक वो झार ना गयी फिर हमलोग बाहर आ ग्ये मुघे आज घूमने जाना था मई उपटोड़ते होकर तुरंत बाहर गवन घूमने निकाला और दिन भर आसपास के गवनो को देखने लग.

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