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मैंने जैसे जैसे मूव लगाना शुरू किया मेरे स्पर्श से चाची का शरीर सिहरने लगा और धीरे धीरे उन्होंने पेटीकोट थोड़ा नीचे सरका लिया और कहा,” बेटा थोड़ा हिप्स पर भी लगाना !”

और कुछ देर बाद नींद की एक्टिंग करते हुए जानबूझ कर उन्होंने पलटी मारी और अपनी चूत को खुजलाना शुरू किया। हाय राम ! मैं तो देखकर मर ही गया,” यह चूत है या घड़ियाल का मुँह? इतनी बड़ी और चौड़ी !”

खैर उन्होंने देर किये बिना आँखे खोल ली और कहा,” बस कर बेटा, आ लेट जा !”

मैं पास में लेटा तो उन्होंने कहा,” चल तूने बहुत सेवा कर दी, आ जा दूध पिलाती हूँ !”

और अपनी ब्रा खोल दी।

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