वो फिर
भी कुच्छ नहीं बोला तो मैने अपना हाथ धीरे धीरे उसके लंड की तरफ बढ़ा दिया. वो फिर भी कुच्छ नहीं
बोला. अब मेरी उंगलियाँ उसके लंड को टच कर रही थी. मेरे बदन में सुरसुरी सी होने लगी तो मैने अपनी
उंगली उसके लंड पर फिरनी शुरू कर दी. जब वो फिर भी कुच्छ नहीं बोला तो मैने अपने हाथों से उसके लंड
को पकड़ लिया.