उसने अपनी स्पीड
और तेज कर दी. वो मुझे तेज़ी के साथ छोड़ता रहा और मैं एक दम मस्त हो कर उस से छुड़वा रही थी. अब वो इतने ज़ोर ज़ोर के धक्के लगा रहा था की उसका हर धक्का मुझ पर भारी पद रहा था. उसके हर धक्के
के साथ मेरे बदन के सारे जोड़ हिल रहे थे. मेरी छूट में अब ज़्यादा दर्द नहीं हो रहा था. मुझे छुड़वाने में आज
जो मज़ा पहली पहली बार मिल रहा था उसके आयेज ये दर्द कुच्छ भी नहीं था.