और वे उठकर जाने की
तय्यरी करने लगे. उनकी फ्लाइट 1:20 की थी इसलिए मैं और भाभी उनेह 12:00 बजे एरपोर्ट छ्चोड़ने गये. जब वापस घर लौटे
तो दोपहर के 3 बाज रहे थे. भाभी ने कहा संजय चलो खाना खा लेते हैं. घर मे अब केवल हम टीन जाने ही थे. भाभी, प्रियंका (भाभी की बहन) और मैं. खाना खाने के बाद हम लोग सीडी
पर पिक्चर देखने लगे.