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मैं बहुत जोश में आ गयी थी और मुझे अब दर्द का कोई एहसास नहीं रह गया था. 8-10 मिनिट की चुदाई के बाद उसका पूरा लुन्ड मेरी छूट में घुस चुका था. मैं उसके लुन्ड के सूपदे को अपनी बच्चेड़नी के मून’ह पर महसूस कर रही थी, जिस से मुझे और ज़्यादा मज़ा आ रहा था. मैं अपना चुतऱ उठा उठा कर उसके हर धक्के का जवाब दे रही थी.

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