. . . पर माल मेरे लिए तो छोड़ा होता . . . . . ” कविता हंसने लगी. “जीजा साली का रिश्ता ऐसा ही मजेदार होता है . . . क्यूँ अंकित है ना . . . . ”
” तुम तो लकी हो जो जीजू से रोज़ चुदवा लेती हो . . . . . मेरी तरफ़ तो देखो ना . . . . . चूत में ज़ंग लग जाता है . . ” मै हंसती हुयी बोली. “अच्छा तो हरी झंडी .