. . पर बोली- लेकिन मेरी गांड में तो लगी होगी. . . . मैंने धोई कहाँ है??
मैं उसे बाग़ में बनी कोठरी में ले गया। उसमें मोबाइल की लाइट से मैंने देखा तो एक चारपाई और इंजन पम्पसेट का कुछ पुराना सामान पड़ा था। किस्मत से ग्रीस का एक डिब्बा मेरे हाथ लग गया, मेरी तो जैसे मुराद पूरी हो गई। मैंने उसे चारपाई पर पेट के बल लेटने को कहा।