About:

हुमारा परिवारिक काम धोबी का था। हम लोग एक छोटे से गांव में रहते थे, और वहां गांव में धोबियों का एक ही घर है, इसलिये हम लोगो को ही गांव के सारे कपडे साफ करने को मिलते थे। मेरे परिवार में मैं, मेरी एक बहन और मां-पिताजी है। गांव के माहोल में लडकियों की कम उमर में शादीयां हो जाती है। इसलिये जैसे ही मेरी बहन की उमर १६ साल की हुइ उसकी शादी कर दी गई।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*