. . !”
“आशू जी। आप भी तो मस्त चोदते हो ना. . . पुराने खिलाड़ी हो ना। ”
तीनों ही हंस दिये। आशू ने अपना लण्ड पहले तो अपना लण्ड भीतर घुसा कर सेट कर लिया, फिर बोला,”हां जी. . . तैयार हो जाओ. . . ” और कहते हुए उसने पूरा लण्ड निकाल कर पूरा ही जोर से धक्के के साथ घुसा डाला। कविता के मुख से खुशी की एक तेज चीख निकल गई।