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अब मैं सेन्टर में बिलकुल नंगा होकर ब्लू फिल्म देखते हुए मुठ मार रहा था। तभी पीछे से एक खट की आवाज ने मेरी तेज़ होती सांसों को ब्रेक लगाने पर मजबूर कर दिया। मैंने पलट कर देखा तो अन्दर के दरवाज़े पर सीमा भाभी चाय का प्याला लिए खड़ी थी। उन्हें अचानक देख कर मेरे होश उड़ गए। मेरे पास इतना समय नहीं था कि मैं कपड़ों से अपने तन को छुपा सकता।

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