About:

लावा चूत के द्वार से फ़ूट पडा। मैं बल खाती हुई अपने आप को खल्लास करने लगी। इतने में अब्दुल भी तड़पा और वो भी खल्लास होने लगा. . . उसने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और मुझे चिपटा लिया. . . उसका लावा भी निकल पड़ा. . . अब सिर्फ़ रफ़ीक मेरी गाण्ड के मजे ले रहा था. . . कुछ ही देर में उसका माल भी छूट पड़ा और मेरी गाण्ड में भरने लगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*