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राज की गर्म् साँसों की भांप् उसके कन्धों को छू रही थी और उसकी बैठती छाती उसकी पीठ से टकरा रही थी. राज से चिपक कर सोने में उसे अच्छा लग राहा था और ना जाने कब उसे नीन्द आ गयी. अपनी गर्दन पर गरम होंठों का स्पर्श पा रोमा की आँख खुल गयी. रात अभी भी बाकी थी. राज उसकी गर्दन पर अपने होंठ रखे उसे चूम राहा था.

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