जब लंड बाहर निकलता था तब टोपी उतर कर मत्थे को ढक देती थी। हाथ से मुठ मारते वक़्त ऐसा ही होता है न? मानो पूर्वी की चूत मुठ मार रही थी मेरे लंड पर
दूसरे, जब पूरा लंड अंदर घुस जाता था तब लंड का मूल जो ज़्यादा मोटा है वो चूत के मुँह में बैठ कर चूत को चौड़ा कर देता था। वैसे भी भोस की दरार लंड से चौड़ी होकर गोल बन गयी थी।