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उसने उसे खींच कर अपने ऊपर लिटा लिया, “सच सच बता*ओ क्या तुम्हे अच्छा नही लग राहा?” उसके नंगे बदन से लिपट कर लेटना उसे भी अच्छा लग राहा था, मन कर राहा था की वो ऐसे ही लेटी रहे अपने प्यार की बाहों में लेकिन मम्मी के आने का डर अभी मन में समाया हुआ था. “नही मुझे अच्छा नही लग राहा. ” रोमा ने चिडाते हुए काहा.

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