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मेरा कुरता पंखे कि हवा से उड़कर चूतड पर से ऊपर आ गया. उसी समय मुझे लगा कि मुझे संजय ने फिर से जकड लिया है. इस बार वो पजामा उतार के आया था. ” अरे . . . . . हट जा न . . . . . . हटो संजय . . . ”

“मना मत करो . . . नेहा . . . ”

“देखो मैं चिल्ला पडूँगी . . ”

‘नहीं नहीं . . . ऐसा मत करना . . . . . . . तुम बदनाम हो जोगी .

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