है ना . . ”
अंकित का लण्ड अब धीरे धीरे खड़ा होने लगा था, मुझे देख कर वो उत्तेजित होने लगा था। “कौन शरारत कर रहा है …” कविता कमरे में आते हुए बोली
“जीजू … मजाक अच्छी मजाक करते हैं . . ” मैंने बात बदल दी
” लो चाय हाजिर है …”
“कविता …. . जीजू से कहो ना कभी कभी तो हम पर भी लाइन मार लिया करें . . ”
“अरे तुम ही लाइन मार लो ना ….