. ”
दोनों ही हंस पड़े. बस का टाइम हो रहा था. हम दोनों बस में स्लीपर में घुस गए, और नीचे वाली दोनों सीट खाली कर दी. स्लीपर में हमने चादर साइड पर रख ली और दोनों लेट गए. बस फिर से चल दी. मुझे अभी चुदवाना बाकी था. मैंने कहा -“अनिल मैंने नाडा खोल लिया है . . . . . . . तुम भी पेंट नीचे खींच लो न. . ”
अनिल खुशी से बोला “चुदवाने का इरादा है .