उसे देखते ही मन में पुरा्नी यादें उभरने लगी. अनिल मुझे आरम्भ से अच्छा लगता था. अब जयपुर तक साथ जाएगा तो इसे छोडूंगी नहीं. मैंने कहा – “आगे का स्लीपर लेना है . . . वरना बस में परेशान हो जायेंगे. झाँसी से जयपुर लंबा सफर है ”
“ओके तो २ दिन बाद के स्लीपर लेना है . . . अंकल को बता देना ”
अनिल चला गया.