अलका के मुंह से आहें और सिसकियां तेज़ होती जा रही थी, उसके बोबे एकदम कड़क हो गए थे, मैंने उसकी गर्दन पर उसके ही अनुसार दांत लगा कर चूसना शुरू किया, उसकी आँखें एकदम से मुंद गई, उसको हिचकियाँ आने लगी जैसे रोने के बाद आती हैं, मैं घबरा गया, पूछा क्या हुआ रानी !
अलका बोली – नीरू मेरे भोले राज्जा ये निर्मल आनंद है, घबराओ मत, लेकिन अब लण्ड का प्रेशर मेरी क्लेटोरिअस पर बढ़ा दो और मुझ से चिपक जाओ.