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ऐसा करने को निधि जोर से कसमसाई और बोली सर मुझे छोड़ दीजिए, मुझे दर्द हो रहा है. लेकिन मैंने उसकी बात ना सुन कर अपना एक हाथ उसकी स्कर्ट में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा. उसके मुंह से सिस्कारियां निकलने लगी. इतने में इन्टरवल ख़त्म होने की घंटी सुनाई दी तो मैंने उसे कपडे ठीक करके जाने को बोला और कहा – निधि ! स्कूल ख़त्म होने के बाद यहीं आ जाना और यदि ना नुकुर की तो कल मैं यह लैटर सीधा प्रिन्सिपल को दे दूंगा।

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