मैं अपने पाठकों से देरी के लिए माफ़ी चाहती हूँ !
और शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ चोदोचुदो डॉट कॉम की पूरी टीम का कि उन्होंने मेरी कहानी अधूरी होने के बावजूद प्रकाशित की। मैं अपनी पिछली कहानी टीचर्स डे में एक जगह ऐसी छोड़ी थी जहाँ पे में चाहती थी कि मेरे पाठक मुझसे सवाल करें . . . पर वो सवाल केवल मुझे एक ही इन्सान ने पूछा था .