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अब कहानी पे आते हैं . . टीचर्स डे के अगले दिन रविवार था यानि छुट्टी . . मैं सारा दिन उसके बारे मैं सोचती रही कि वो ऐसा क्यूँ है . . . जब मैं उस से बात नहीं करती तो मुझे दूर से निहारता है और जब मैं उसे अपनी और आकर्षित करती हूँ तो मुझे डांट देता है . . . रात होते होते मैंने ये तय किया कि मैं उस से कल जाके बात करुँगी .

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