उसका हाथ मेरी चूत पर पहुँच गया. मैंने पैंटी नहीं पहनी थी. सुमन की उँगलियों के स्पर्श ने मुझे और उतेजित कर दिया. मैं भूल गई कि राजेश भी वहीं खड़ा है. मेरी साड़ी मेरी जांघों तक उठ गई और मैंने अपनी टाँगे फैला ली. मेरी चूत पर बाल न देख कर राजेश उतेजित होने लगा. सुमन बोली- अरे ! वह तुम्हारी चूत तो चिकनी है !
मुझे अब सिर्फ़ मजा आ रहा था और बिल्कुल होश नहीं था.