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“तब तक मैं तुम्हारी शारीरिक् ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश करूंगी, ” कैहकर रिया जय के लन्ड को पैंट के ऊपर से मसलने लगी. आज राज के साथ उसकी चुदाई अधूरी ही रैह् गयी थी. राज की चाहत् मे उसकी चूत अभी भी सुलग रही थी, चूत से रस् अभी भी बैह् राहा था. जय के लन्ड के स्पर्श ने उसके जज़बातों को और भडका दिया था.

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