चंदा महेश के कान के पास होंठ लायी और बोली, “इतनी जोर से पेला है यार कि ये तो होना ही था. घबराओ मत, कुतिया समझ के पेलो. आज खूब चोद मेरे राजा. बहुत समय से किसी ने मेरी चूत नहीं फाड़ी है. आज फाड दे. कितना भी चीखूँ, कितना भी चिल्लाऊं, खबरदार अगर चोदना रोक तो. चोद मुझे हरामी, चोद. ”
ये सुनकर जितना आश्चर्य महेश को हुआ उससे ज्यादा चंदा को हुआ.