. . . । ”
मुन्ना ने अपना लन्ड मेरी गान्ड से निकाल लिया और एक बार फिर से मेरे बोबे दाब कर पीछे से ही मेरी चूत मे लन्ड घुसेड़ दिया। गली में सन्नाटा था. . . . बस एक दो कुत्ते नजर आ रहे थे. . . . कोई हमें देखने वाला या टोकने वाला नहीं था । मेरी चूत एकदम गीली थी . . . . लन्ड फ़च की आवाज करते हुये गहराई तक उतर गया।