उसने अपना खाना समाप्त किया और अपने कमरे में चला गया। मैं उसे झांक कर देखती रही। अचानक उसकी नजर सीडी पर पड़ी और वो पलक झपकते ही समझ गया। विनय अपने बिस्तर पर लेट गया और आंखें बन्द कर ली। विनय के मन में खलबली मची हुई थी। मुझे लगा कि विनय काफ़ी कुछ तो समझ ही गया है। मैं उसके बेडरूम में आ गई। कही से तो शुरु तो करना ही था,”सर मोजे उतार दूँ?”
“ह .