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. . पर ये तो लड़कियों के साथ चुदाई में साधारण सी बात होती है। पर विनय घबरा उठा,”अरे . . . ये क्या . . . खून . . . सॉरी . . . !”

मैंने उसके होंठो पर अंगुलि रख दी . . . “चुप रहो न . . . करते रहो . . . !”

पर इसका मुझे तुरन्त मुआवजा मिल गया . . . एक ५०० रुपये का नोट और लहरा उठा। ये विनय क्या कर रहा है? १५०० रुपये मेरे लिये बहुत बड़ी रकम थी।

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