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चंदा ने पूरा जोर लगा कर उसे अपने से अलग किया और उसपर चढ़ गयी. महेश कि छाती पर बैठकर उसने महेश को इशारे से रुकने को कहा. अब वह पलट गयी जिससे उसकी पीठ महेश के चेहरे कि ओर थी और धीरे धीरे वह महेश का लंड और गोटे सहलाने लगी. महेश चंदा कि गांड कि गोलियों को नज़रों से नाप रहा था. चंदा का स्पर्श उसे बहुत भा रहा था.

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