About:

. . . . . . . धत्त. . . . ये क्या. . . . सोचने लगी. . . . । मेरा मन चन्चल होता जा रहा था। डिनर के बाद हम कमरे में आ गये। मैंने भी जानबूझ कर के मुन्ना के सामने ही कपड़े बदलना शुरु कर दिया पर उसका ध्यान मेरी तरफ़ नहीं था। मैने उसकी तरफ़ पीठ करके अपना ब्लाऊज और ब्रा उतार दिया। और एक हल्का सा टोप डाल लिया।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*