वो तड़प उठी और सिसकारने लगी। फिर मैंने उसकी चूत के अन्दर अपनी जीभ घुसेड़ दी और उसकी चूत चाटने लगा। सरोज उचक-उचक कर तड़पने लगी और सिसकारने लगी, उईईइ अह्ह्ह्हह की आवाज़ें निकलने लगी। मैंने भी उसको जीभ से चोदने की गति बढ़ा दी और उसकी चूत को पागलों के जैसे चूसने और चाटने लगा। अचानक उसे मुझे जकड़ लिया और मेरा मुँह अपनी चूत के ऊपर और जोर से दबा दिया !
वो झड़ गई थी !
मैंने उसके चूत-रस का स्वाद चखा ! बड़ा ही रसीला और मादक था।