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चंदर ने देखा कि दोनों के चेरों पर सबेरे कि रौनक के बजाय मायूसी छाई थी. वह समझ नहीं पा रहा था कि मामी और भांजे कि इस मायूसी का कारण क्या था. खाना खाने के बाद चंदर सोने चला गया. चंदा बर्तन साफ़ करने किचन चली गयी. महेश टीवी देखने लगा. हॉल रूम में बैठे बैठे महेश चंदा को देख सकता था. बर्तन साफ़ करती हुई चंदा कि पीठ महेश कि तरफ थी.

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