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हम दोनों बिस्तर पर नंगे ही लेट गये। एक दूसरे से लिपट कर प्यार किया और उसकी बाहों पर सर रख कर और उसकी कमर पर अपनी टांगे डाल कर चिपक कर सो गयी। अचानक रात को मेरी नीन्द फिर खुल गयी…… मेरी चूत में विजय का लन्ड घुसा हुआ था… मैं चुपचाप सोने का बहाना करती रही… वो चोदता रहा…… मैं अपने आपको ज्यादा देर नहीं रोक सकी… उसके बदन को कसती गयी… उसने मेरी चूंचियां फिर से कस कर दबा दी……… अब मैंनें भी उससे लिपट कर चूत के झटके मारने चालू कर दिये……
आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम… किसको लुभा नहीं लेगा।

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