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मेरी तरकीब सटीक बैठी। मैने मौका उचित समझा और बथरूम से बाहर आ गयी…

“अरे… टीवी पर ये क्या आने लगा है…”

“दीदी… साब तो है नहीं…चलने दो ना…अपन ही तो है…”

“अरे नहीं आशा… इसे देख कर दिल में कुछ होने लगता है…” मैं मुस्करा कर बोली

मैने चैनल बदल दिया… आशा के दिल में हलचल मच गयी थी … उसके जवान जिस्म में वासना ने जन्म ले लिया था।

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