शाम को मुझे आने में थोड़ी देर हो गई, मैरी हम दोनों का खाना बना कर जा चुकी थी। मैं जब आया तो सानिया ने चाय बनाई और हम दोनों गपशप करते हुए चाय पीने लगे। सानिया ने ही बात छेड़ दी- आज फ़िर आपको मजा आया मेरी सेवा करके?
मैं समझ न सका तो उसने कहा- वही 41 ग्राम, सुबह ! और मुस्कुराई। मैंने भी कहा- हाँ, मजा तो खूब आया पर सानिया, इतने पुराने कपड़े मत पहना करो, फ़टे कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता।